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कष्ट शब्दों के मोती सुख-दुख जगत जग है कुटुम्ब अपना रस्म आते हैं अकेले जग में झमेले सुकून जाते हैं अकेले व्यवहार hindi kavita जगत के नाथ जगन्नाथ आधार सहारा व्यवहार मृदु रख हर जगत के रिश्ते

Hindi जगत के झमेले Poems